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ब्रह्मज्ञान की ध्यान साधना ही मानव के विचारों में उसके व्यवहार में परिवर्तन ला सकती है। – साध्वी सुश्री श्रेया भारती जी ।

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दिनांक 24.09.2019
पे्रस-विज्ञप्ति


ब्रह्मज्ञान की ध्यान साधना ही मानव के विचारों में उसके व्यवहार में परिवर्तन ला सकती है। – साध्वी सुश्री श्रेया भारती जी
जोधपुर 24 सितम्बर। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा ‘कामधेनु गौशाला’ को समर्पित भव्य श्रीराम कथा श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या विश्व विख्यात कथा व्यास मानस मर्मज्ञा साध्वी सुश्री श्रेया भारती जी के सानिध्य में रावण का चबुतरा मैदान में हजारों भक्तों के संगम से आयोजित की जा रही है। कथा के चैथे दिन के आरम्भ में सुश्री श्रेया भारती जी एवं उपस्थित यजमानों ने भगवान श्रीराम की विधिवत मंत्रोच्चार से पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्जवलित कर कथा को आगे बढ़ाते हुए ‘वनवास और भरत प्रसंग का वाचन भावविभोर होकर किया।
दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से आयोजित सप्त दिवसीय कथा के चतुर्थ दिवस सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी सुश्री श्रेया भारती जी ने भरत जी के चरित्र के अनेक पक्षों को उजागर किया। उन्होंने बताया कि भरत जी का व्यक्तित्व श्रेष्ठ व आदर्श से परिपूर्ण चरित्र है। जिसे प्रभु श्रीराम जी ने वनवास को स्वीकार कर सबके समक्ष उजागर किया। भरत प्रसंग का वर्णन करते हुये उन्होंने कहा कि भरत जी राजसिंहासन को पाकर अप्रसन्न हो जाते हैं, भरत प्रभु राम जी के कार्य में सहयोगी बनते हुये उनकी चरण पादुकाओं को सिंहासन पर सुशोभित कर राज्य के कार्य भार को संभालते हैंै और राम जी के राज्य को उन्हें वापिस लौटाने के लिये चित्रकूट की यात्रा करते हैं।
भरत व राम जी का प्रेम भ्रातृ प्रेम का आदर्श प्रस्तुत करता हुआ समाज पर कुठाराघात करता है। साध्वी जी ने बताया कि एक समय था जब भारत मंे सौहार्द व प्रेम की फसल लहराया करती थी परन्तु आज वह प्रेम, भाईचारा, सौहार्द कहीं लुप्त हो गया है। आज व्यक्ति व्यक्ति के रक्त का प्यासा है स्वार्थ सिद्ध से परिपूर्ण हो समाज में भय का आतंक फैला रहा है। वहीं दूसरी ओर साध्वी जी ने बताया कि इस आतंक को दूर करने के लिये ब्रह्मज्ञान की ध्यान साधना ही मानव के विचारों में उसके व्यवहार में परिवर्तन ला सकती है। उन्होंने बताया कि श्री आशुतोष महाराज जी कहते हैं कि विचार से विचार को बदला नहीं जा सकता, मन अपने स्तर पर स्वस्थ नहीं हो सकता उसके लिये समाज को ब्रह्मज्ञान की आवश्कता है। क्योंकि ब्रह्मज्ञान व्यक्ति की मानसिकता को बदलने का सशक्त आधार हैं। मानव बदलेगा तभी समाज बदलेगा। उन्होंने बाताया कि कथाएं मानव की मानसिकता को बदलने के लिये, समाज को सुंदर बनाने के लिये सनातन पुरातन ब्रह्मज्ञान की ओर लेकर जाती हैं जो शास्त्रों का आधार है।

कथा के मध्य संस्थान द्वारा चलाये जा रहे सामाजिक प्रकल्प ‘अंतरक्रांति‘ के विषय पर प्रकाश डाला
श्रेया भारती जी ने बताया की संस्थान द्वारा सम्पूर्ण भारत में एक अनूठा प्रकल्प ‘अंतरक्रांति‘ चलाया जा रहा है जो कि एक बंदी सुधार कार्यक्रम है। इस प्रकल्प के तहत संस्थान ब्रह्मज्ञान की वैज्ञानिक प्रणाली से जेल में सजा काट रहे अपराधियों को सुधारने की दिशा में कार्य कर रहा है। जिसमें एशिया की सबसे बड़ी जेल तिहाड़ जेल में संस्थान कार्यरत होने के साथ-साथ देश की 30 से अधिक जेल में शिविरों के माध्यम से बन्दियों को ब्रह्मज्ञान ध्यान पद्धति सिखा रहा है। अगर किसी में बदलाव की अंश मात्र आशा भी बची हो तो उसे पूर्णतः बदला जा सकता है, क्योंकि जेल में रहने वाला हर कैदी अपराधी नहीं होता, कुछ हालातों से विवश हो कर जुर्म कर बैठते है तो कुछ को बिना किसी जुर्म के ही अपराधी बना दिया जाता परन्तु जब एक बार व्यक्ति जेल में पहुँच जाता है तो वहां के नकारात्मक संग से वह स्वयं के व्यक्तित्व को और विकृत कर अपने अमुल्य जीवन को पतन की ओर धकेल देता है इसलिए उन्हें पुनः मुख्यधारा में लाने के लिये श्री आशुतोष महाराज जी ने इस प्रकल्प को न केवल शुरू किया बल्कि कई कैदियों के अंधेरों से भरे जीवन में उजाला भरा है जिनमें से कई कैदी बाहर आकर समाज को और कलुषित करने को तैयार थे वहीं आज समाज निर्माण में अपनी भागीदारी देने को लालायित हैं। इस प्रकल्प के माध्यम से न केवल उन्हें सुधारा जाता है बल्कि उन्हें रोजगार देकर उन्हें आत्मनिर्भर भी बनाया जाता है।

कथा के चतुर्थ दिन मुख्य अतिथि के रूप में ये रहे मौजूद
भव्य श्रीराम कथा के चतुर्थ दिवस मुख्य अतिथि के रूप में पावन आरती एवं दीप प्रज्जवलन में जोधपुर महारानी साहिब श्रीमती हेमलता राजे, पूर्व मंत्री राजेन्द्र गहलोत, वरिष्ठ भाजपा नेता नरेन्द्र सिंह कच्छवाह, भाजपा ग्रंथालय प्रकल्प प्रदेश प्रमुख राजेन्द्र बोराणा, सोजती गेट व्यापारी संस्था अध्यक्ष शिवकुमार सोनी, भाजपा जिलाध्यक्ष जगत नारायण जोशी, पूर्व महापौर डा. संगीता सोलंकी, राजस्थान कांगे्रस प्रदेश महिला उपाध्यक्ष कुंती देवडा, शंकरसिंह शेखावत, डा. शिवप्रकाश अग्रवाल, पार्षद वन्दना राठौड़, भंवरलाल प्रजापत, कांगे्रस महिला उपाध्यक्ष रेखा लोहिया, जगदेव सिंह खालसा, अग्रसेन संस्था के संयोजक पुरूषोतमदास लीला, भाजपा जिला मंत्री कमलेश गोयल, मीना सांखला, लक्ष्मी सिनवाडिया, आरपीएस से सेवानिवृत कल्याणसिंह, श्रीमती मंजु सोनी, नवीन कुमार सोनी, संजु व्यास, कमला सैन, डा. सुमन गोयल, भगवानराम परिहार, गोरी सोनी दीपशिखा सोनी सहित कई सेवाभावी यजमान उपस्थित रहे।

पंडाल में संस्थान ने लगाया विलक्षण योग शिविर एवं निशुल्क आयुर्वेदिक चिकित्सा परामर्श
श्रीराम कथा के चैथे दिन पंडाल में प्रातः 6 बजे से 8 बजे तक विलक्षण योग शिविर एवं निशुल्क आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से स्वास्थ्य लाभ की प्राप्ति के लिये योगाचार्य ने निःशुल्क परामर्श दिया। जिसके माध्यम से भक्तो ने स्वास्थ्य सम्बन्धी लाभ प्राप्त किया। योगाचार्य जी ने जीवन में योग के महत्तव पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा की स्वस्थ तन से ही स्वस्थ मन की प्राप्ति हो सकती है और रोजमर्रा के जीवन में आसान और प्राणायाम को अपनाकर हम कई रोगों से बच सकते है।

महिपाल सिंह
मीडिया प्रभारी
9587360501

सह मीडिया प्रभारी
अंकित वर्मा
8892364632

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