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तस्करी मामला…..

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सेवा में दी:14/10/2019


श्रीमान बेख़ौफ़ इंडिया न्यूज सम्पादक महोदय ।
महोदय
मेरा नाम रणजीत कुमार पंजाबी है में 52, गणपति विहार,वार्ड 45,तिजारा फाटक,शिवाजी पार्क थाना अलवर ,राजस्थान का निवासी हु
महोदय,
मेने पुलिस की कार्यशैली से परेशान हो कर 3/7/19 को मीडिया के सामने पुलिस को कहा कि मेरे केस की दोबारा शुरू से दिल्ली 62 से सबूतों के आधार पर जाँच की जाय नही तो में इक्छा मृत्यु का पत्र राष्ट्रपति महोदय को भेजूंगा पुलिस ने कोई कार्यवाही नही की तो 10/7/19 को मैने पत्र भेज दिया अब 12/10/19 को माननीय रास्ट्रपति महोदय ने इसमें संज्ञान लेते हुए 15 दिन में अडिशनल sp अलवर ,राजस्थान को जाँच के लिऐ भेजा है मगर मुझे यकीन नही है कि पुलिस 2014 दिल्ली 62 सँगम विहार व राजाखेडा, धौलपुर ओर फरीदाबाद से जाँच कर सच्चाई सामने लाएगी

श्रीमान मुझे शक है कि अलवर,राजस्थान, में इस तरह का कोई रैकेट चल रहा है जो पहले औरतो,लड़कियों, को बहला फुसला ,कर घर से अगवा करते हैं और बाद में देहव्यापार कराते हैं और पसे कमाते हैं और बाद में मानव अंगों के लिऐ बेंच देते हैं

अत में ये इस लिये भी कह रहा हूं क्यो की 2014 से 10/1/16 तक मेरी लोकेशन व निवास स्थान अस्थल मन्दिर संगम विहार नई दिल्ली 62 है व शादी के बाद बतौर किराये दार जफर खान पुत्र मुन्ना खान संगम विहार दिल्ली 62 पर रहे हैं तो अलवर में कैसे 2014 में पुलिस दिखा रही है व मेरी शादी साकेत मेट्रो के पीछे मन्दिर में हुई है तो पुलिस शनी मन्दिर अलवर बस स्टैंड पर क्यो? दिखा रही है जब में स्वंम जाँच के लिऐ आदेश करा लाया तो पुलिस केस का खुलासा क्यो नही कर रही मेरे इस केस में इतने उच्च व माननीय गनो के आदेशो के बाद भी आज तक कारवाही नही की गई

जिसमे की माननीय राष्ट्रपति महोदय ,उपराष्ट्रपति महोदय,समाज न्याय मंत्रालय नई दिल्ली, राज्यपाल महोदय,राजस्थान,लोकायुक्तसचिवालय, जयपुर, राजस्थान,
अडिशनल,चीफ सेक्रेटरी, राजस्थान सरकार,व मुख्य सचिव राजस्थान,सरकार,आदि

केस के सम्बंद में आप को जानकारी देता हूँ
2016 में दिल्ली से आने के बाद कुछ महीने में ओर मेरी पत्नी कृष्णा मेरे घर पर रहे व 16/6/16 को कैलाश चन्द सैनी तिजारा फाटक पर बतोर किराये दार रहने लगे और
मेरा केस 22/9/2017 का है और मेरी पत्नी कृष्णा के सम्बंद में है
मेरी पत्नी कृष्णा 22/9/2017 को घर से अचानक गुम हो गई में जब दोपहर को 1:30 बजे खाना खाने घर आया तो कृष्णा घर पर नही थी काफी ढूढ़ने पर जब नही मिली तो शाम को 6 बजे थाने में जाकर जानकारी दी व 23/9/2017 को M P R ,23/9/17 दर्ज करा दी
व स्वम भी ढूढ़ता रहा व पता चलने पर 26/9/2017 को डालचंद सैनी का नाम व मोबाइल न: 8209704553, 9950592312 दर्ज करा दिये
जो कि मेरे मकान मालिक का भांजा है व रोज हमारे मकान मालिक के घर 5 से 7 घण्टे रहता था व पुलिस अदिकारी ने जांच की तो पता चला कि फोन बंद है व वो भी उस दिन से गायब है तो पुलिस ने केस अपहरण का बताया ब्यान लिये 27/9/2017 को मेरे मकान मालिक ने मुझे फोन कर घर बुलाया 11 बजे जब में ओर मेर परिवार वाले गये तो डालचंद सेनी का भाई हेमंत सेनी भी आया हुआ था
और उसने पुस्टि की के कृष्णा को घर से उठवाने मैं रवि शर्मा का हाथ है व तेरी पत्नी कृष्णा को बंदी बनाकर रखा है 22/9/2017 को कजारिया टाईल्स कालिमोरी गोदाम में रखा था और 24/9/2017 से अब रवि शर्मा ने अपनी पुस्तेनी हवेली सागर महल चोक कोर्ट परिसर अलवर के पास अपने भाई की निगरानी में रखा है पुलिस को बुलाओ मने तुरंत A S I प्रेम सिंह जी को 11:30 बजे फोन पर पूरी सूचना दी व पुलिस दुवारा भरोसा दिलाया गया
आप चले हम आ रहे है
मगर 1:30 बजे तक पुलिस नही पहोंची व प्रेम सिंह जी का फोन आया कि कोर्ट में आजाओ तेरी पत्नी कृष्णा कोर्ट में आ गई है व दूर से दिखा कर पुलिस ने दस्तयाब बताया मेरी पत्नी कृष्णा डरी व घबराई हुई थी मेने बात करने की कोशिस की तो पुलिस व वकीलो ने मना कर दिया व A D M अलवर के सामने पेश कर मेरे खिलाफ बयान करवाय व बयानों के आधार पर मेरी पत्नी कृष्णा को स्वतंत्र कर पुलिस थाना शिवजी पार्क अलवर दुवारा उसकी कस्टडी 17,जनकपुरी दावतपुर आशीष शर्मा को देदी,जो कि रविशर्मा का रिश्तेदार है

जिसकी भी जानकारी शिवाजी पार्क थाने दुवारा मुझ से छुपाई गई
12/10/2017 सुबह 9:30 बजे लगभग मेरे न: 8822921163 पर इस न:9680410720 से फोन आया जिसने अपना नाम रवि शर्मा बतया ओर मेरी पत्नी कृष्णा के बदले 2,50,000 की मांग की व मुझे डरता दमकता रहा ये कह कर की तू हमारा कुछ नही कर सकता मेरी पहोच बहोत ऊपर तक है व पसे का इंतजाम कर के मिल ले नही तो इतने केस लगवा दुगा पूरी जिंदगी जेल में कटेगी ये बात 4:30 मिनट तक चली मने पुलिस में कम्पलेंड करने की कहि तो बोला कि जा देखता हूं तेरी f i r लिखता कोंन हैं 13/10/2017 को मने थाना उपस्तिथ हो कर लिखित कम्पलेंड दी जो लेकर रख ली
23/10/17 को पता चला कि महिला थाने में इस्तगासे से मेरी पत्नी कृष्णा की मदद से केस दर्ज कराया है 26/10/17 को मने अलवर फैमली कोर्ट में सक्शन 9 का केस डाला व 27/10/2017 को थाना शिवजी पार्क में लिखित में f i r दी व 4 पन्नो के ब्यान दर्ज किये जिसका रिकॉर्ड थाने के कम्पलेंड रजिस्टर में दर्ज है 11:07 मिनट पर f i r नही लिखी जब पूछा तो a s i प्रेम सिंह जी ने थाने बुलाया और 20,000 रुपये की मांग की ये कहते हुए की तुझपर महिला थाने में केस है मैने पैसे देने से मना कर दिया
महिला थाना उपस्थित हो कर सारे सबूत पेश किये मगर वहा भी मेरी पत्नी से मुझे नही मिलवाया गया 233/17 धारा 363,376,323,3,4,7,8,पॉक्सो में महिला थाने ने पुरी जाँच की व केस मैं f r पेश कर दी ये कहते हुए की कृष्णा रणजीत की विवाहिता पत्नी है तलाक का दबाव बनाने के लिए जूठा मुकदमा किया जाना पाया गया है
ओर मुझे ये कहते हुए की आप की पत्नी मिल नही रही है कहा है जब की पुलिस दुवारा मौका मोयने व ब्यानों के लिये पहले कृष्णा को भुलाया जा चुका था व शिवजी पार्क थाने को मेरी पत्नी कृष्णा की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी A D M अलवर दुवारा

24/11/17 को प्रेम सिंह जी दुवारा किराये का मकान खाली कराने के लिए मुझे डराया दमकया जाने लगा और जबरदस्ती 29/11/17 को किराये का मकान मुझ से खाली कराया गया
16/3/18 को फिर a s i प्रेम सिंह जी मेरे घर आये और मेरे माता पिता को डराने धमकाने लगे और जूठे केसों में बंद करने की दमकी देते हुई कहने लगे कृष्णा का पीछा करना छोड़ दो तलाक देदो नही तो सबको जेल भेज दुगा
16/3/2018 को पुलिस अधीक्षक महोदय को पत्र से सूचित किया
और 16/3/2018 को शिवजी पार्क थाने में कम्पलेंड दी वह भी प्रेम सिंह जी ने अपने पास रख ली
24/3/2018 को थक हार कर माननीय न्यायालय से 156/3 के तहत केस दर्ज करवाने को इस्तगासा लगाया जो गलती से जज साहब ने कमेटी में भेज दिया
23/4/2018 को जब में कोर्ट में नकल के लिये 1:30बजे बुलाया गया था तो मने मेरी पत्नी कृष्णा को आशीष शर्मा व राजवीर सिंह व डाल चन्द सेनी के सात देखा बात करनी चाही तो तीनो लोगो के दुवारा कोर्ट परिसर sp ऑफिस के सामने मेरे साथ मारपीट की गई व जान से मारने की धमकी देने लगे
जिसकी शिकायत मने A D M अलवर के रीडर को की मगर कोइ पतिकिरिया नही हुई
28/4/2018 को मैने राजस्थान राज्यपाल महोदय को पत्र लिखा व अपनी बात रखी पहली बार 3/5/2018 को राज्यपाल महोदय ने मेल से sp अलवर को कारवाही के लिए कहा मगर तब भी F I R दर्ज नही की गई क्या ??
व इसी बीच 2/5/2018 को मेरी तारिक थी तो 156/3 के तहत शिवजी पार्क थाने भेजा गया
8/5/18 को पहली बार कोर्ट के जरिये F I R दर्ज की 18/5/18 को मुझे बयानों के लिऐ थाने बुलाया गया तो प्रेम सिंह जी ने मुझे M P R 9/2017 की फाइल दिखाई व उसमें 2 पत्र डाले हुये थे एक मे लिखा था कि कृष्णा के वकीलों आशिष शर्मा ने प्रेम सिंह को धमकी दी थी फोन से की गुमसुदगी से आगे की कार्यवाही की तो अंजाम अच्छे नहि होंगे व दूसरे में मेरी पत्नी कृष्णा की कस्टडी के बारे में लिखा था मेरे बार बार कहने के बाद भी मुझे मेरे दुवारा 26/9/2017 को की गई कारवाही व ब्यान नही दिखाए गए वे सारे एविडेन्स ब्यान फ़ाइल से ग़ायब कर दिए गये है क्यो? ओर किसने किये और किसको बचाने के लिऐ ग़ायब किया
अबीयुक्तो से मोटी रकम लेकर मात्र 18 दिन में 27/5/18 को बिना जांच किये f r लगा दी प्रेम सिहं ने व अबयुक्तो से मिल कर 22/5/18 को मेरी पत्नी कृष्णा को डरा धमकाकर अपने बचाओ के लिऐ जुटा केस 115/18 धारा 323,341,364,354 इस्तगासे के मार्फत दर्ज कराया गया
इसी बीच 5/6/18 को राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर परिवाद दर्ज हुवा राजस्थान राज्यपाल महोदय के यहां से जिस में अंकित था प्राथी के साथ हो रहे दुर्व्हवार व उसकी पत्नी कृष्णा को भगा कर ले जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने बाबत मगर उपपुलिस अधीक्षक साहब ने इस्तगासे का कह कर बन्द कार्यवाही जिस में fr 27/5/18 को लगा दी थी उसे 7/6/18 को कार्यवाही जारी दिखाया व FIR नही लिखी क्यो ? व गलत रिपोर्ट भेज दी
11/7/2018 को मने माननीय राष्ट्रपति महोदय,उपराष्ट्रपति महोदय,सुप्रीम कोर्ट,उच्चन्यालय, आदि को पत्र मेल व डाक दुवारा अपनी सारी बात बताई
18/7/2018 को मानव तस्करी विरोधी यूनिट मोती डूंगरी दक्षिण अलवर ने 115/18 मेरी पत्नी कृष्णा दुवारा किये केस में जांच करने के लिए पूछताछ हेतु मुझे मेरे माता पिता को बुलाया व में बताएं समय पर 18/7/18 को सुबह 11 बजे पहोच गया जांच अदिकारी ने नाम बताते ही
धमकी देते हुए परिवाद व उच्चस्तरिय कार्यवाही वापस लेने को कहा मेने मना कर दिया गिरेबान से पकड़कर थाने में घसीटा व मार पीट पर आमादा हो गये जानसे मारने की धमकी देने लगे माँ बहनो की गंदी गालिया देने लगे मेरे पिता जी ने काफी मिन्तेय की मगर ci sho सागरमल जी नही रुके तो मेरे पिता जी उसी समय थाने से बाहर निकल कर फोन फैक्स दुवारा सारी बात पत्र से राज्यपाल महोदय राजस्थान को दी व मेरी जान बचाने की अपील की
24/अगस्त 18 डाल चन्द सेनी पुत्र बनवारी लाल सेनी ने मेरे घर के पास दुकान पर मेरे साथ मारपीट की व केस वापस लेने को कहा मेने मना किया तो जानसे मारने की धमकी देने लगा जिसकी शिकायत पर भी पुलिस ने कोई कार्यवाही नही की व कोई मामला दर्ज नही किया क्यो?
जिसकी शिकायत मैने माननीय रास्ट्रपति, उपराष्ट्रपति महोदय व अन्य उच्च अधिकारियों को मेल व पत्र से की
ओर 4/10/2018 को मेरे पत्र को उचित व पुलिस अदिकरियो की न्यायिक जांच शुरू से दोबारा जीरो ग्राउंड से करने के लिये पूरा केस नई दिल्ली राष्ट्रपति महोदय के यहां से एडिशनल चीफ सेक्टरी राजस्थान को बेजा गया 1/11/18 को राजस्थान संपर्क पोर्टल पर 1753 दर्ज किया गया पुलिस ने बिना जांच उसे भी बंद कर दिया इसी प्रकार अब तक सभी उच्चस्तरीय कारवाही के आदेशों का पुलिस डिपार्टमेंट द्वारा अनदेखी की गई है व जाँच के नाम पर एक ही रिपोर्ट बार बार लगा कर परिवादी को जुटा परिवाद लगाने का आदि बताया जा रहा है अब तक ऑनलाइन 72 परिवाद दर्ज है जो। कि 67 परिवाद पुलिस के खिलाफ है मेरे परिवाद में जिस अधिकारी ने रिपोर्ट पर साइन किये हैं व रिपोर्ट को सही माना है तुरन्त उन सभी अदिकरियो को कारवाही करते हुये सस्पेंड करें व केस को दबाने अपराधियो को बचाने व बिना तलाक पुलिस वेरिफिकेशन किया जाना ये सिद्ध करता है कि जो आरोप मेरे द्वारा की मेरी पत्नी कृष्णा को देहव्यापार के लिऐ किटनेप किया गया हो सकता हैं कि मानव अगो की तसकरी आदि क्यो की पुलिस ने मेरे हर परिवाद में अनदेखी की है इसे शक ओर गहरा होता है कि पुलिस क्यो कारवाही से बच रही है व 13/10/2019 तक इस संबंध में कोई F I R दर्ज नही की पुलिस ने जब कि 19/9/19 को दोबारा राज्यपाल महोदय दुवारा जाँच के आदेश दिये व दोषियों की जाँच कर कार्यवाही की जाय मगर पुलिस पुरानी रिपोर्ट ही भेज रहा है
श्रीमान में आपको सारे डोमेन्ट व एविडेन्स ओर आदेशो की कॉपी भेज रहा हु
ओर आशा करता हूँ कि आप मेरी मदद करेंगे ओर साथ ही में आप को बता रहा हु की मुझे या मेरे परिवार को मानसिक, शारारिक, या जान माल या मेरी हत्या करा दी जाये उसके जिम्मेदारी रवि शर्मा,आशिष शर्मा,राजवीर सिंह, डाल चन्द सैनी, बनवारीलाल सैनी, कैलाश सैनी, हेमन्त सेनी,प्रेम सिंह, आदि सभी अलवर पुलिस जाँच अधिकारीयो व प्रसासन, इस केस में लिखे नाम व समस्त अदिकारीयो की होगी

आप मुझे न्याय दिलवाने के लिये मेरी आवाज ऊपर सो रहे अधिकारिया तक पहोचयेगे
जिसके लिये में आपका सदेव आभारी रहुगा

धन्यवाद

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