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केमिकल कंपनी में गैस लीक मामले को लेकर आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को जारी

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*आंध्रप्रदेश :- विशाखापट्टनम के एलजी पोलिमर्स इंडिया पीवीटी एलटीडी केमिकल कंपनी में गैस लीक मामले को लेकर आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को जारी किया नोटिस*. आपको बता दें कि विशाखापट्टनम में गुरुवार सूबे एक केमिकल यूनिट में गैस लीक हो गया है। गैस लीक के कारण 11 लोगों की मौत हो गई है। वहीं 800 से अधिक लोगों को

अस्पताल में भर्ती कराया गया है।इस समस्या से प्रभावित हुए लोगों में बड़ी संख्या में बच्चे शामिल हैं। इस हादसे में करीब 150 बच्चों को इलाज चल रहा है और उनमें से ज्यादातर पर इलाज का असर हो रहा है. डॉक्टरों ने इस बात की जानकारी दी । अधिकारियों ने गैस को बेअसर कर रिसाव के प्रभाव को नियंत्रित करने में कामयाबी पाई है, लेकिन विशाखापट्टनम में आधिकारिक तौर पर मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 पहुंच गई है ।आंध्र प्रदेश के डीजीपी गौतम सवांग ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वर्तमान में 246 लोगों का इलाज चल रहा हैं, जबकि गंभीर हालत वाले 20 मरीजों को वेंटिलेटर पर रखा गया है ।उन्होंने बताया, ‘अन्य अस्पतालों की रिपोर्ट्स से भी संकेत मिल रहे हैं कि भर्ती लोगों की हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है । पानी स्टाइलरीन (गैस) के लिए एक एंटीडोट्स है और इसलिए गैस को बेअसर करने के लिए हवा में पानी का छिड़काव किया गया है ।उन्होंने कहा, ‘अन्य अस्पतालों की रिपोर्ट्स से भी संकेत मिल रहे हैं कि भर्ती लोगों की हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है । डीजीपी सवांग ने बताया ‘पूरे वेंकटपुरम गांव को खाली कराया गया । यहां से करीब 700 लोगों को निकाला गया. करीब 800 लोग अस्पताल में भर्ती हुए । जबकि उनमें से अधिकांश को छुट्टी दे दी गई है और अब लगभग 240 लोग ही वहां हैं । और घटना के कारणों की जांच चल रही है । फोरेंसिक टीम इस पर काम कर रही है । इस बीच विशाखापट्टनम के विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन लोगों ने बताया कि गुरुवार तड़के लगभग 2.30 बजे जब गैस रिसाव शुरू हुआ, उस वक्त वे गहरी नींद में थे, और यह घटना 3:30 सूबे में भयानक रूप ले लिया । और उन्होंने मृत्यु समान कष्ट महसूस किया.केजी अस्पताल में भर्ती एक महिला ने कहा, ‘हमें एक अजीब गंध आई. क्या मैं जिंदा हूं या मर गई, यह एक बहुत ही असली एहसास था. मैंने लोगों और जानवरों को जमीन पर पड़ा देखा. मुझे नहीं पता कि मैं अस्पताल कैसे पहुंची । विशाखापट्टनम की गलियों और अस्पतालों में लोग दहशत में नजर आ रहे है । सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन की शिकायत के बाद लोगों को विभिन्न अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है । इस तरह की दुर्घटना भारत में कोई पहली बार नहीं हुई है । इस तरह की दुर्घटना एमपी के भोपाल में भी सन 1984 में हुआ था । रिपोर्ट रणवीर कुमार गुप्ता

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