झारखंड

पूर्व विधायक राजा राज राजेन्द्र प्रताप देव नीति आयोग से पलामू प्रमंडल की समस्याओ से कराया अवगत

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-:- बंशीधर नगर/गढवा से श्रवण कुमार पासवान-:-

:-पूर्व विधायक राजा राज राजेन्द्र प्रताप देव नीति आयोग से पलामू प्रमंडल की समस्याओ से कराया अवगत*

 

बंशीधर नगर : पूर्व विधायक राजा राज राजेन्द्र प्रताप देव ने केन्द्र सरकार के नीति आयोग के सीइओ अमिताभ कांत से मुलाकात कर पलामू की वर्तमान स्थिति एवं कोरोना महामारी एवं इस कारण आने वाले विभिन्न समस्याओं को लेकर वृहत् चर्चा कर इसके समाधान की ओर भारत सरकार का ध्यान आकृष्ट करने का आग्रह किया।

श्री देव ने अमिताभ कांत से मुलाकात कर कहा है कि झारखंड का पलामू प्रमंडल (गढ़वा, पलामू और लातेहार जिला) लंबे समय से पिछड़े जिलों में है। और जब तक सिंचाई, बिजली उपकेंद्र और जंगल का समुचित विकास नहीं होगा, तब तक ये जिले भारत के सबसे पिछड़े स्थान मे से रहेगें। और इनमें निवास करने वाली जनसंख्या को तब तक तकलीफ होती रहेगी जब तक कि यह एक सूखा इलाका है।उन्होंने पत्र के माध्यम से बताया कि यहां कि कुल 12.60 लाख हेक्टेयर भूमि में 7.40 लाख हेक्टेयर भूमि खेती योग्य है और 5.20 लाख हेक्टेयर भूमि वन भूमि है। यह क्षेत्र चार बड़ी नदियों और सैकड़ों मध्यम और छोटी नदियों से भरा हुआ है।यदि इस क्षेत्र में सिंचाई प्रणाली और इलेक्ट्रिसिटी का समुचित प्रबंध सुनिश्चित किया जाए तब पेड़ – पौधे, गेहूं और मक्का के अलावा जमीन में लहसुन, मिर्च, मसाले, गन्ना और सभी प्रकार की सब्जियों की पैदावार की जा सकती है। इसके अलावा खेती किसानों को अच्छी आय प्रदान कर सकती है।

दुर्भाग्य से, इस क्षेत्र में बिजली की भारी कमी है। भवनाथपुर निर्वाचन क्षेत्र के स्थानों जैसे नगर उंटारी, धुरकी,रमना आदि में एक दिन में दो घंटे भी बिजली नहीं मिलती है।

यदि बिजली और पानी की उपलब्धता हो, तो मत्स्य उद्योग, पशुपालन उद्योग और जड़ी-बूटी की खेती बहुत की जा सकती है। बिजली और पानी की उपलब्धता के कारण, छोटे उद्योग भी स्थापित किए जा सकते हैं क्योंकि यहां लाखों मजदूर हैं।श्री देव ने सुझाव व्यक्त करते हुए बताया कि यहां प्रमुख नदियों मे से सोन नदी, उत्तरी कोयल, कनहर नदी और औरंगा नदी से 400 से अधिक मध्यम और छोटे जलाशयों मे भूमिगत पाइप के द्वारा पानी पहुंचाया जाएं ताकि से क्षेत्र मे सिंचाई का एक त्वरित समाधान हो सकेगा। चूँकि इन जिलों में कोई उद्योग नहीं है, इसलिए खेती ही है जो वर्तमान में पलामू के 30 लाख लोगों के लिए एकमात्र सुनिश्चित रोजगार है। सरकार इन क्षेत्रों में सौर ऊर्जा स्टेशनों पर भी योजना बना सकती है जो लोगों को रोजगार एवं बिजली प्रदान करने में मदद कर सकती है।

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